बुरहानपुर, (डॉक्टर प्रवीण पाटिल) 26 जुलाई। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा वीर जवानों के स्मारक पर पहुँचकर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए तथा “राष्ट्र प्रथम” का संकल्प लिया गया।
समिति ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल भारत की सैन्य विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, अनुशासन और अदम्य साहस का प्रेरणापर्व है। कारगिल के वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर यह सिद्ध कर दिया कि राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
इस अवसर पर ताप्ती सेवा समिति ने कहा कि वर्तमान समय में जब देश अनेक सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जाति, धर्म, भाषा और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ देशहित में अपना योगदान दे। सीमा पर हमारे सैनिक अपने परिवारों से दूर रहकर राष्ट्र की रक्षा करते हैं, वहीं देश के भीतर प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह कानून का पालन करे, सामाजिक सद्भाव बनाए रखे और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाए।
समिति ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कारगिल के अमर वीरों के साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ तथा अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को स्थान दें। यही वीर शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे सदैव “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए कार्य करेंगे।



































