बुरहानपुर (रमाकांत मोरे) जिले के ग्राम बहादरपुर में संत गोरोबा काका कि जन्म जयंती पुजन कर महीलाओं सहीत गणमान्य नागरिकों ने भी संत गोरोबा काका के फोटो पर पुष्प गुच्छ अर्पण कर, उनके मार्गों पर चलने की बात, कि संतोष प्रजापती सहित समस्त प्रजापती समाज ने कहा कि उनकी असीम कृपा से हमारे कारोबार चल रहे हैं । इन्हें मराठी भाषिक लोग प्रेम से संत गोरा कुम्हार (गोरोबा काका), कहते हैं । संत गोरोबा काका वारकरी संप्रदाय के महान संत और वह भगवान विठ्ठल के परम भक्त थे। इनका जन्म कुम्हार परिवार में हुआ था । इसलिए पेशे से कुम्हार थे – इसलिए इन्हें “गोरा कुम्हार” कहा जाता है।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाई जाती है
गोरोबा काका मिट्टी के बर्तन बनाते समय भी भगवान विठ्ठल का भजन गाया करते रहते थे। मान्यता है कि एक बार मिट्टी गुंधते समय उनका ध्यान इतना भगवान में था कि उनके बच्चे के ऊपर से भी मिट्टी निकल गई, पर उन्हें पता नहीं चला। ऐसे परम भक्त थे।, कार्यक्रम में उपस्थित रघु प्रजापती , नंदू प्रजापती , भगवान प्रजापती सुपडु प्रजापती , डॉक्टर प्रमोद चौहान, विनोद चोकसे, लखन प्रजापती, जयेश बोदडे, प्रदीप प्रजापती, विक्रम प्रजापती , लोकेश प्रजापती,मुकेश लोंदे, सहीत ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।



































