इन्स्टिट्यूट ऑफ डेंटल सायन्सेस, बरेली के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआत से ही बच्चों के मुंह की सफाई पर ध्यान दिया जाए, तो कई दंत समस्याओं से बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस २०२६ के अवसर पर डॉ. विधीना पाटील (असिस्टंट प्रोफेसर, इन्स्टिट्यूट ऑफ डेंटल सायन्सेस, बरेली) द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अभिभावकों को बच्चों की ओरल हाइजीन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कब शुरू करें बच्चों की सफाई?
डॉक्टरों के अनुसार, शिशु के दांत निकलने से पहले भी मसूड़ों और जीभ की सफाई जरूरी होती है। आमतौर पर 6 महीने की उम्र के बाद दांत निकलने लगते हैं, इसलिए उसी समय से साफ-सफाई की आदत डालना शुरू कर देना चाहिए।
डेढ़ साल की उम्र तक बच्चे को धीरे-धीरे दिन में दो बार ब्रश करने की आदत सिखाई जा सकती है| खासकर रात में दूध या खाना खाने के बाद ब्रश जरूर कराएं|
सही टूथब्रश का चुनाव
बच्चों के लिए रंग-बिरंगा और आकर्षक ब्रश लें|
ब्रश के ब्रिसल्स नरम और मुलायम होने चाहिए|
हर 3 महीने में टूथब्रश बदलना जरूरी है
टूथपेस्ट का चयन|
छोटे बच्चों के लिए फ्लोराइड-फ्री टूथपेस्ट बेहतर माना जाता है और जब बच्चा टूथपेस्ट विना निगले थुकना सीख जाये तब फ्लोराइडयुक्त टूथपेस्ट दे सकते है|
इस अवसर पर ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम में डॉ. पाटील ने मौखिक स्वास्थ्य और अन्य शारीरिक बीमारियों के बीच संबंध पर प्रकाश डाला।




































