बरेली : ओरल हेल्थ माह के अवसर पर बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को मुंह और दांतों की सही देखभाल के प्रति जागरूक करना है।
इसी संदर्भमे डॉ. विधीना पाटिल (सिनिअर लेक्चरर, इन्स्टिट्यूट ऑफ डेंटल सायन्सेस, बरेली) ने बताया कि मुंह से सांस लेना एक आम आदत जरूर है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे मुंह में सूखापन बना रहता है और लार का उत्पादन कम हो जाता है, जो दांतों और मसूड़ों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कैविटी और मसूड़ों की बीमारी का बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, लार की कमी के कारण मुंह में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे दांतों में सड़न (कैविटी) और मसूड़ों से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
अच्छी आदतें अपनाने की सलाह
विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को दिन में दो बार ब्रश करने, नियमित रूप से दंत जांच कराने और नाक से सांस लेने की आदत विकसित करने की सलाह दी, ताकि वे दंत रोगों से सुरक्षित रहें।




































