लाखों की हेराफेरी करके फरार हो गए बैंक अधिकारी………
फिल्मी स्टाइल में ग्राहकों को लालच देकर किया फ्रॉड………
बिना कागजात के बड़ा लोन देने, रोजगार देने के नाम पर झाबुआ में फर्जी बैंक का घोटाला उजागर हुआ है। बैंक की जिले में अलग-अलग तीन ब्रांच थी। जहां ज्यादा वेतन देकर स्थानीय लोगों को धोखा देकर नौकरी पर रखा और उनके जरिए कई स्थानीय लोगों के साथ फर्जीवाड़ा कर बैंक के कथित अधिकारी फरार हो गए है। मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है वहीं 4 अन्य आरोपी फरार हैं।
बैंकों के बाहर लग रही लाइन, बिना कागजात के मिल रहे लोन और कथित अधिकारियों के व्यवहार को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने उनकी रेकी शुरू कर दी थी। मामले की जांच करने के लिए पुलिसकर्मी बैंक भी पहुंचे। मौके को भांपते हुए कथिक बैंक अधिकारी भाग निकले। बैंक फर्जी होने की खबर मिलते ही यहां नौकरी पर रखे गए स्थानीय लोग थाने पर पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज करवाई।

कथित बैंक अधिकारियों द्वारा ग्राहकों को मात्र 1550 रुपए में खाता खुलवाने और 70 हजार का लोन देने का लालच दिया गया। इस झांसे में कई लोग, और अलग अलग समूह आ गए। घोटाला की गई लाखों की राशि लेकर बैंक अधिकारी फरार हो गए। पूरे मामले का मास्टरमाइंड अखिलेश नाम का व्यक्ति है। जो मूल रूप से झारखंड का बताया जा रहा है। इसके अलावा गुजरात के अंकित पटेल, मेहुल पटेल झाबुआ ब्रांच में काम करते थे। जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। अखिलेश फरार है। गिरफ्तार युवकों ने बताया कि इनके अलावा उत्तर प्रदेश का सरफराज, आरिफ, राजस्थान का राजेश भी मामले में शामिल है। इधर कथित अधिकारियों ने झाबुआ में तीन कारे किराए से ली थी। अधिकारी यह कारे लेकर फरार हो गए हैं। कार को दाहोद रेलवे स्टेशन, मेंघनगर रेलवे स्टेशन और झाबुआ बायपास से जब्त किया है।
मामले पर पुलिस का कहना है कि इन लोगों के पास बैंकिंग कार्य करने, लोन देने का लाइसेंस नहीं था। दस्तावेजों की जांच की जा रही है। फिलहाल प्रकरण दर्ज किया गया है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
मध्यप्रदेश ब्युरो शालिनी शर्मा….



































