इन्स्टिट्यूट ऑफ डेंटल सायन्सेस, बरेली के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मुख स्वास्थ्य की अनदेखी की जाए, तो यह गंभीर बीमारियों, यहां तक कि ओरल कैंसर का कारण भी बन सकती है।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत नाईक ने बताया कि मुंह का कैंसर एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जो मुंह और गले के ऊतकों को प्रभावित करती है। इसमें होंठ, जीभ, गाल, तालू, साइनस और गले के हिस्से शामिल हो सकते हैं। समय पर पहचान और उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
संस्थान की असिस्टंट प्रोफेसर डॉ. विधीना पाटिल के अनुसार, लोग अक्सर मुंह की सफाई और नियमित जांच को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्याएं बढ़ती जाती हैं। हालांकि, अगर नियमित रूप से दंत चिकित्सक से जांच कराई जाए, तो इस बीमारी को शुरुआती चरण में ही पहचाना जा सकता है और इलाज आसान हो जाता है।
बच्चों में स्थिति
बच्चों में ओरल कैंसर के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। अधिकांश मामलों में मुंह में होने वाली गांठें या वृद्धि कैंसर नहीं होतीं, फिर भी किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
क्या हैं लक्षण?
– मुंह या होंठ पर ऐसा घाव जो लंबे समय तक ठीक न हो
– जीभ या होंठ पर गांठ या सूजन
– मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे
– बिना कारण रक्तस्राव
– लगातार दर्द या असहजता
बचाव और सावधानियां
– मुंह और दांतों की नियमित सफाई करें
– हर 6 महीने में दंत जांच कराएं
– किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें
– समय पर डॉक्टर से परामर्श लें




































