बुरहानपुर (तहसील ब्युरो मंजु काले ) शहर में इस वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन एक ऐतिहासिक क्षण बना, जब पहली बार बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़ी महिलाओं ने मिलकर इस कार्यक्रम की मेजबानी की। यह आयोजन केवल महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की भुमिका, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भी किया गया।
यह विशेष कार्यक्रम प्रतीभा कापड़े (बैंक ऑफ बड़ौदा) और राखी कक्कड़ (बैंक ऑफ इंडिया) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें शहर और बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी कई प्रमुख महिलाओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का संचालन एडना डी’क्रूज (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया) और निश्चा राठौर (गायिका एवं संगीतकार) ने किया। संस्कृति, प्रेरणा और जागरूकता से सजा समारोह इस भव्य कार्यक्रम में सोलो डांस, समूह नृत्य, कविताएं और गीत जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। माँ-बेटी की जोड़ी द्वारा विशेष नृत्य ने भावनात्मक रूप से सभी को जोड़ दिया और महिलाओं के आपसी संबंधों की गहराई को दर्शाया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को न केवल मनोरंजन, बल्कि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी जानकारियाँ भी प्रदान की गईं। महिला स्वास्थ्य, मानसिक शांति और कल्याण पर जागरूकता सत्र कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में से एक महिलाओं के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण पर विशेष सत्र था। इस अवसर पर प्रतिष्ठित मुख्य अतिथियों ने अपने विचार साझा किए । इस अवसर पर सुश्री नेहा मुंगी (आर्ट ऑफ लिविंग) ने मेडिटेशन और मानसिक शांति पर जोर दिया।
• सुश्री मंजु काले (प्रसिद्ध चित्रकार, कई पुरस्कार विजेता और प्रदर्शनी आयोजक) ने कला के माध्यम से महिलाओं की अभिव्यक्ति और सशक्तिकरण पर बात की।
• सुश्री मालविका धोगीवाला (मनोचिकित्सक, पर्यावरणविद् एवं समाजसेवी) ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और उस आत्म-सम्मान को बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए।
• सुश्री मुस्कान कक्कड़ (बुरहानपुर की पहली महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट) ने वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता पर अपने विचार साझा किए।
विशेषज्ञों ने महिलाओं के लिए संतुलित आहार, व्यायाम, और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर चर्चा की, साथ ही तनाव प्रबंधन, आत्म-देखभाल और ध्यान (मेडिटेशन) के लाभों पर भी प्रकाश डाला। आयोजन समिति में शामिल महिलाओं ने इसे सफल बनाने में महत्वपुर्ण भुमिका निभाई:
• प्राची तिर्की (बैंक ऑफ इंडिया)
• प्रतीभा टेकाम (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया)
• अपर्णा तयड़े (बैंक ऑफ इंडिया)
• पुष्पा अग्रवाल (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया)
• रूपाली बजाज (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया)
• प्रतीभा पाटिल ने संगठन समिति और मार्गदर्शन
यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन की महिला परिषद (AIBEA) के मार्गदर्शन में विशेष सामाजिक पहचान कार्यक्रम (Social Identification Program) के तहत आयोजित किया गया।

समापन और संदेश
यह आयोजन सिर्फ एक उत्सव नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने और अपने सपनों को पुरा करने के लिए प्रेरित करने का एक मंच है। बुरहानपुर में पहली बार इस तरह का आयोजन होना एक नई शुरुआत है, और हमें उम्मीद है की आने वाले वर्षों में यह परंपरा और मजबुती से आगे बढ़ेगी।
इस आयोजन ने न केवल महिलाओं को सन्मानित किया, बल्कि उनके संपुर्ण स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सशक्तिकरण के महत्व को भी उजागर किया। बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़ी कई महिलाओं की इस पहल ने साबित कर दिया की अगर संकल्प मजबुत हो, तो कोई भी क्षेत्र महिलाओं की नेतृत्व क्षमता से अछुता नहीं रह सकता।



































