दूर-दराज से आ रहे पर्यटक हो रहे मायूस
रमाकांत मोरे
जिला बुरहानपुर के उपनगर लालबाग-चिंचाला क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं अद्वितीय जल प्रबंधन संरचना ‘कुंडी भंडारा’ में लगी पर्यटकों की लिफ्ट बीते कई महीनों से बंद पड़ी हुई है। इसके कारण खंडवा ,जबलपुर ,मुंबई, आगरा, राजस्थान, नांदेड़ सहित देश के अन्य राज्यों व शहरों से यहां की ऐतिहासिक धरोहर को देखने पहुंच रहे लिफ्ट बंद होने से पर्यटक बेहद निराश होकर बिना दीदार किए वापस लौटने को मजबूर हैं।
ऐतिहासिक महत्व और कुंडी भंडारा की विशेषता:

कुंडी भंडारा (खूनी भंडारा) मुगलकाल की एक अनूठी जल संग्रह व वितरण प्रणाली है। वर्ष 1615 ई. में अब्दुल रहीम खानखाना के शासनकाल में तत्कालीन भू-गर्भ विशेषज्ञों द्वारा ताप्ती नदी और जल स्रोतों को खोजकर भूमिगत सुरंगों व कुंडियों का निर्माण कराया गया था। बिना किसी यांत्रिक सहयोग के जमीन के 80 से 100 फीट नीचे सुरंगों के माध्यम से शहर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की यह प्रणाली न केवल बुरहानपुर बल्कि देश-विदेश में अपनी मिसाल है।
लिफ्ट बंद होने से पर्यटकों की बढ़ी परेशानी:
जमीन के नीचे बनी इन सुरंगों और कुंडियों की अनूठी संरचना को देखने के लिए प्रशासन द्वारा लिफ्ट की सुविधा शुरू की गई थी। हालांकि, पिछले कई महीनों से लिफ्ट के बंद होने से पर्यटक नीचे जाकर इस ऐतिहासिक सुरंग और जल प्रणाली का अनुभव नहीं ले पा रहे हैं। बाहर से आने वाले पर्यटकों का कहना है कि वे बुरहानपुर की इस ऐतिहासिक धरोहर के बारे में सुनकर काफी उत्साह से यहां पहुंचते हैं, लेकिन यहां आने पर पता चलता है कि लिफ्ट बंद है। जिसके कारण उन्हें बिना कुंडी भंडारा देखे ही वापस जाना पड़ रहा है।



































