( समीर तडवी ) बुरहानपुर जिले धूलकोट – बोरी क्षेत्र के करीब 8 हजार से ज्यादा आदिवासी किसानों के सामने अचानक रोटी-रोजी का संकट खड़ा हो गया इतना ही नहीं उनके और उनके परिवार के सिर से छत छिन जाने का भी खतरा मंडराने लगा है । इससे इन आदिवासी किसानों की निंद उड़ गई हैं और वे समस्या का तत्काल समाधान नहीं मिलने पर आत्महत्या करने तक की बात कर रहे हैं !

दरअसल हाल में ही कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश के बाद जिला समिति ने क्षेत्र के गरीब 8 हजार आदिवासी कब्जेदार किसानों के वन अधिकार पत्र आवेदन प्रकरण निरस्त कर दिए और इन कब्जे दार किसानों को हिदायत दी गई कि जल्दी से अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर सरकारी जमीन खाली कर दो नहीं तो सख्त कार्रवाई कर जमीन को मुक्त कराएंगे इससे इस क्षेत्र के आदिवासी किसानों में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी है। वनधिकार पत्र निरस्त होने से परेशानी में हैं किसान बोले करेंगे आत्महत्या






























