बुरहानपुर (रमाकांत मोरे) जिले के बॉर्डर से लगा हुआ महाराष्ट्र राज्य के विदर्भ एरिया के बुलढाणा जिले के मलकापुर तहसील के अंतर्गत पुर्णा नदी के पावन तट पर माधवा मुनी ने पुजा अर्चना कर एवं दिन रात तपस्या कर हजारों वर्ष पुर्व मुनिजी ने अपने हाथों से शिवलिंग स्थापित की यह शिवजी का अती प्राचीन मंदिर धुपेश्वर संस्थान के नाम से जाना पहचाना जाता है ।

गुरु पोर्णिमा के दिन धुपेश्वर संस्थान के पदाधिकारी तेजराम पाटील एवं सेवेकरी भीमराव पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया की पुर्व में विट्ठल लहरी बाबा एवं सद्गुरु रामभाउ पुजारी बाबा ने इस शिवजी मंदिर में सेवाए देकर दर्शनार्थियों के लिए शिवजी मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालुओ की मनोकामनाएं पुरी होने के लिए प्रार्थना करते थे ।दर्शन के लिए महाराष्ट्र राज्य के दुर दराज से एवं पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से प्रती सोमवार को श्रद्धालु आस्था के साथ हजारों की संख्या में मंदिर पहुंचकर मन में संकल्प लेकर पुजा अर्चना कर बिल्व पत्र अर्पण कर एवं मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं । इस शिवजी के मंदिर में प्रतिदिन दोपहर में महाप्रसादी का वितरण किया जाता है ।

































