बुरहानपुर – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के “१०० वर्ष की संघ यात्रा” कार्यक्रम के अंतर्गत 4 अप्रैल को प्रथम दिवस पर “प्रमुख महिला गोष्ठी” का गरिमामय आयोजन बुरहानपुर में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संघ के मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक प्रकाशजी शास्त्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर श्रीमती पूजा नागड़ा ने पुस्तक परिचय दिया, जबकि कु. निकिता पाटील ने अतिथि परिचय प्रस्तुत किया। श्रीमती शिवानी मेहरा ने कार्यक्रम की भूमिका रखी तथा उपस्थित मातृशक्ति के प्रश्नों को श्रीमती रुपल मुंदड़ा द्वारा मंच पर रखा गया, जिनका समाधान मुख्य वक्ता ने विस्तार से किया।
अपने उद्बोधन में प्रकाशजी शास्त्री ने मातृशक्ति की भूमिका को परिवार और समाज में संस्कार, प्रेरणा और समर्पण का आधार बताते हुए महिलाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने दायित्वों के साथ-साथ अपनी रुचि अनुसार राष्ट्र कार्य में भी योगदान दें।
उन्होंने “नये क्षितिज” विषय के अंतर्गत पंच परिवर्तन—स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुम्ब प्रबोधन—के माध्यम से समाज परिवर्तन का संदेश दिया। संघ का मुख्य लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण, संस्कारित एवं अनुशासित स्वयंसेवक एवं सेविकाओं का निर्माण करना है, यह भी उन्होंने स्पष्ट किया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मोहिनी शहाणे ने किया। इस गोष्ठी में बड़ी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति रही।आगामी कार्यक्रम: गोष्ठी के दूसरे दिन 5 अप्रैल को “प्रमुख जन गोष्ठी” आयोजित होगी, जिसमें मुख्य वक्ता प्रवीणजी गुप्त होंगे। यह कार्यक्रम गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में शाम 5:30 बजे से प्रारंभ होगा।




































