मध्य प्रदेश की विधानसभा में जल्द ही एक युवा आवाज़ गूंजने वाली है।
बुरहानपुर ( रमाकांत मोरे) जिले के बोरसल गाँव के किसान पुत्र शुभम ज्ञानेश्वर कोकाटे की। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे शुभम ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और समाज के प्रति समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। उनके इस सफर ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो गाँव की मिट्टी से भी नेतृत्व की खुशबू आ सकती है।
खंडवा और बुरहानपुर जिले से हजारों युवाओं ने इस गौरवशाली अवसर के लिए आवेदन किया, लेकिन कठिन चयन प्रक्रिया के बाद सिर्फ 10 प्रतिभाशाली युवा चुने गए, जो अब प्रदेश विधानसभा में अपने विचार रखेंगे। इन चुनिंदा प्रतिभाओं में से बोरसल गाँव के शुभम कोकाटे एकमात्र प्रतिनिधि हैं, जो अपने गाँव और जिले की आवाज़ बनकर विधानसभा में गूंजेंगे।
शुभम, जो वर्तमान में लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल में कंप्यूटर साइंस में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं, न सिर्फ एक प्रभावशाली वक्ता हैं बल्कि समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। पहले भी वे कई बड़े मंचों पर अपने विचार रख चुके हैं, लेकिन अब उनका ओजस्वी वक्तव्य मध्य प्रदेश विधानसभा में गूंजेगा।
गाँव के लिए यह गर्व का क्षण है कि एक साधारण किसान श्री ज्ञानेश्वर कोकाटे का बेटा प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत में अपने विचार रखेगा। उनकी इस सफलता से न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संघर्ष और मेहनत से अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
हजारों में एक – जब बोरसल बोलेगा, तो पूरा प्रदेश सुनेगा!




































