बुरहानपुर ( रमाकांत मोरे )प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय जिला मुख्य कार्यालय बुरहानपुर के अंतर्गत ग्राम दापोरा की शाखा में रक्षाबंधन का त्यौहार पारंपरिक भाई बहन के रिश्ते से आगे बढ़कर एवं आध्यात्मिक और पवित्र संकल्प के रूप में मनाया गया है । जिला मुख्य शाखा के स्वाती दीदी ने रक्षाबंधन त्यौहार मनाने का तरीका एवं आध्यात्मिक अर्थ बताते हुए कहा की ब्रह्माकुमारी संस्था ने रक्षाबंधन को आत्मिक जागृति मिलती है। तथा अन्य नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है । रक्षाबंधन पर्व काम , क्रोध , लोभ , मोह एवं अहंकार से मुक्ति का पर्व माना जाता है । यह पर्व लौकीक की जगह अलौकिक रक्षा सुत्र में यहां ब्रह्माकुमारी की बहने शाखा के सभी समाज के भाई बहनों को ईश्वर प्रेम और पवित्रता का रक्षा सुत्र का प्रतीक राखी बांधती है ।
दापोरा शाखा की योगिता दीदी ने बताया की रक्षाबंधन पर्व सप्ताह के रूप में रक्षाबंधन के दिन से 8 दिन तक मनाया जाता है । यह पर्व पवित्रता का संकल्प होता है । यह रक्षा सुत्र धागा बुराइयों को छोड़ने एवं जीवन में सदाचार नैतिकता और श्रेष्ठ कार्य करने का एक आध्यात्मिक वादा होता है ।
इसी प्रकार जयश्री दीदी ने बताया की रक्षाबंधन यह पर्व हर बहन हर भाइयों के लिए सर्वजन हिताय की भावना के रूप में मनाती है । इस दिन संस्था द्वारा समाज के सभी वर्गों , राजनेताओं , प्रशासनिक अधिकारी , कर्मचारी और आम जनता को ईश्वरीय ज्ञान एवं भक्ति भाव से जोड़ने का कार्य किया जाता है । जिससे सभी समाजों में भाईचारा एवं सद्भावना का संदेश दिया जाता है ।



































