बुरहानपुर (रमाकांत मोरे)जिले से लगा हुआ महाराष्ट्र राज्य के जलगांव जिले के ग्राम अंतुर्ली में सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा एवं अखंड हरीनाम संकीर्तन सप्ताह के आयोजन में व्यास पीठ पर विराजीत परमपुज्य महामंडलेश्वर स्वामी जनार्दन हरी जी महाराज जी ने कथा के पांचवें दिन अपनी अमृतवाणी से माता शबरी का भगवान श्रीराम के प्रती आस्था अटूट नीस्वार्थ और सच्ची भक्ति समर्पन से भरी थी । जहां उन्होंने ऋषी मतंग के आशीर्वाद पर पुरा विश्वास किया और कई वर्षों तक राम के आने का इंतजार किया । राम के आने पर राम को बेर अर्पित करने से पहले उन्हें चखकर मीठे बेर खिलाए । जो

सच्ची भक्ति एवं गुरु भक्ति का प्रतीक है । जहां उन्होंने अपनी निम्न जाती की परवाह न करते हुए केवल प्रेम और विश्वास को महत्व दिया । यह माता शबरी के लिए सेवा भावना उनकी भक्ति का केंद्र थी न की किसी स्वार्थ की थी ।



































