कार्रवाई की मांग को लेकर लालबाग थाने पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, फर्जी आपत्तियां निरस्त कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग
बुरहानपुर (मध्यप्रदेश) रमाकांत मोरे जिले के लोनी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बहादरपुर में मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस पार्टी ने SIR प्रक्रिया के तहत फॉर्म नंबर-7 के माध्यम से लगाई गई कथित फर्जी आपत्तियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है। इसी संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी बुरहानपुर (ग्रामीण) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल लालबाग थाने पहुंचा और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रविन्द्र महाजन ने किया। उनके साथ बहादरपुर एवं आसपास के गांवों के कई मतदाता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
कांग्रेस का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज कर पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने इसे मतदाता सूची से छेड़छाड़ कर लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने और विशेष विचारधारा से जुड़े मतदाताओं को परेशान करने की साजिश बताया है।
प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें:
• फर्जी आपत्तियों को तत्काल निरस्त किया जाए
• दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए
• पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
इस दौरान पूर्व विधायक एवं अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी बुरहानपुर (ग्रामीण) रविन्द्र महाजन, पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हामिद काजी, अमर यादव, हेमंत पाटिल, अधिवक्ता इदरीश खान, विनोद गावंडे सहित अन्य कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
रविन्द्र महाजन ने कहा:
“इससे पहले भी शाहपुर पुलिस स्टेशन में अवैध तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाने के प्रयास को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। आज बहादरपुर के मतदाताओं के नामों पर दर्ज की गई आपत्तियों के संबंध में लालबाग थाने में शिकायत दी गई है। बिहार में SIR प्रक्रिया के दौरान जिस तरह कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए गए, वैसा मध्यप्रदेश में नहीं होने देंगे। जो नागरिक पहले से मतदान करते आ रहे हैं, उनके नाम हटाना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है। यह सब राजनीतिक लाभ के लिए रची जा रही साजिश का हिस्सा है। हम प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।”




































