(मेलघाट में सट्टा मटका, जुआ, पत्ते का अवैध कारोबार काजोर)
अमरावती /मेलघाट (अशोक वस्तानी )
मेलघाट में सट्टा मटका, जुआ, पत्ते का अवैध कारोबार जोरों पर चल रहा है। मध्यप्रदेश के मोहट्टा और दामजीपुरा गांव के अवैध व्यवसायिकों ने महाराष्ट्र के मेलघाट के दुर्गम गांवों में अपना जाल फैला दिया है।
मेलघाट के एकतई, सिमोरी, सालिता, सुमिता और हतरू जैसे दुर्गम गांवों में अवैध व्यवसायिकों ने अपना व्यवसाय बड़े पैमाने मे शुरू किया है। ये लोग मध्यप्रदेश से आकर महाराष्ट्र के हतरू और भांडुम के घनदाट जंगल में जहां नेटवर्क मिलता है, ऐसे ठिकानों में अपना व्यवसाय चला रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन की अनदेखी से अवैध व्यवसायिकों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे गरीब आदिवासियों की लूट हो रही है। हतरू के साप्ताहिक बाजार में लाखों रुपये का सट्टा खुलेआम बाजार में चल रहा है।
मध्यप्रदेश के जुआरी लाखों आदिवासी लोगों की लूट कर रहे हैं। उन्हें बंद करने के लिए कुछ शिक्षित समाजसेवी लोग कह रहे हैं, लेकिन वे पोलिस पटेल, गांव के पंचायत के कुछ पदाधिकारियों और वर्दीधारी समाजसेवकों को हफ्ता देते हैं और उन्हें किसी का भय नहीं है।
इस पूरे मामले की जानकारी संबंधित विभाग को देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह एक बड़ा प्रश्नचिह्न आदिवासी लोगों के सामने है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि प्रशासन को अवैध व्यवसायिकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और गरीब आदिवासियों की लूट रोकनी चाहिए।




































